देशभक्ति गीत 2018

1 —-देखो वीर जवानों अपने, खून पे ये इल्जाम न आए

मेरी जान से प्यारे, तुझको तेरा
देश पुकारा जा
जा भैया, जा बेटा
जा मेरे यारा जा

देखो वीर जवानों अपने, खून पे ये इल्जाम न आए
माँ ना कहे के मेरे बेटे, वक़्त पड़ा तो काम न आए
देखो वीर जवानों अपने, खून पे ये इल्जाम न आए
देखो वीर जवानों…

हम पहले भारतवासी
फिर हिन्दू, मुस्लिम, सिख, इसाई
हम पहले भारतवासी
नाम जुदा है तो क्या
भारत माँ के सब बेटे हैं भाई
अब्दुल उसके बच्चों को पाले
जो घर वापस राम न आये
देखो वीर जवानों अपने…

अँधा बेटा युद्ध पे चला तो
ना जा, न जा उसकी माँ बोली
वो बोला कम कर सकता हूँ
मैं भी दुश्मन की एक गोली
ज़िक्र शहीदों का हो तो क्यों
उनमें मेरा नाम न आये
देखो वीर जवानों अपने…

अच्छा चलते हैं
कब आएँगे, ये कहना मुश्किल होगा
तुम कहती हो, ख़त लिखना
ख़त लिखने से क्या हासिल होगा
ख़त के साथ रणभूमि से
विजय का जो पैगाम न आये
देखो वीर जवानों अपने..


2 —— वतन वालो, वतन ना बेच देना

वतन वालो, वतन ना बेच देना
यह धरती यह गगन ना बेच देना
शहीदो ने जान दी है वतन के वास्ते
शहीदो के कफ़न ना बेच देना
दोस्तो, साथियो हम चले
दे चले अपना दिल, अपनी जान
ताके जीता रहे, अपना हिंदुस्तान
हम जिए, हम मरे इस वतन के लिए
इस चमन के लिए
ताके खिलते रहे गुल हमेशा यहा
दोस्तो, साथियो

दोस्तो से मिलो दोस्तो की तरह
दुश्मनो से मिलो दुश्मनो की तरह
जीना क्या, मरना क्या, बुजदिलो की तरह
कह रहा यह वतन, यह ज़मीन आसमान

माओ ने अपने बेटे दिए
नौजवान सोचकर और क्या
ताके जीता रहे अपना हिंदुस्तान

मात्रभूमि का दिल तू नही तोडना
देश के दुश्मनो को नही छोड़ना
मरना जीना तुझे इस वतन के लिए
फ़र्ज़ अपना निभा दे आवन के लिए

नाज़ तुम पे करे यह ज़मीन आसमान
देते है यह दुआ
ताके जीता रहे अपना हिन्दुस्तान

देश के नाम अपनी जवानी लिखी
यह जवानी है क्या, जिंदगानी लिखी
बस यहा तक की हमने कहानी लिखी
अब लिखो इसके आगे की तुम दास्ता..
फ़र्ज़ कर दो अदा
ताके जीता रहे अपना हिंदुस्तान
दोस्तो, साथियो हम चले
दे चले अपना दिल, अपनी जान
ताके जीता रहे, अपना हिंदुस्तान


3 —— जिस देश में गंगा बहती है

होठों पे सच्चाई रहती है
जहाँ दिल में सफ़ाई रहती है
हम उस देश के वासी हैं, हम उस देश के वासी हैं
जिस देश में गंगा बहती है

मेहमां जो हमारा होता है
वो जान से प्यारा होता है
ज़्यादा की नहीं लालच हमको
थोड़े मे गुज़ारा होता है
बच्चों के लिये जो धरती माँ
सदियों से सभी कुछ सहती है
हम उस देश के…

कुछ लोग जो ज़्यादा जानते हैं
इन्सान को कम पहचानते हैं
ये पूरब है पूरबवाले
हर जान की कीमत जानते हैं
मिल जुल के रहो और प्यार करो
एक चीज़ यही जो रहती है
हम उस देश के…

जो जिससे मिला सिखा हमने
गैरों को भी अपनाया हमने
मतलब के लिये अन्धे होकर
रोटी को नहीं पूजा हमने
अब हम तो क्या सारी दुनिया
सारी दुनिया से कहती है
हम उस देश के..


4—— सुनो गौर से दुनिया वालों बुरी नज़र ना हमपे डालो

सुनो गौर से दुनिया वालों बुरी नज़र ना हमपे डालो
चाहे जितना ज़ोर लगालो सबसे आगे होंगे हिंदुस्तानी
हिंदुस्तानी.. हिंदुस्तानी..x 2

हमने कहा है तुम भी कहो हमने कहा है जो तुम भी कहो

[आओ हम मिल-जुल के बोलें अब तो यारा
अपना जहाँ है सबसे प्यारा ] x 2
हमने कहा है जो तुम भी कहो ओ ओ

जलते शरारें हैं पानी के धारे हैं हम काटे काटते नहीं
जो वाद करते हैं करके निभाते हैं हम पीछे हटते नहीं

सुनो गौर से दुनिया वालों बुरी नज़र ना हमपे डालो
[सुनो गौर से दुनिया वालों बुरी नज़र ना हमपे डालो
चाहे जितना ज़ोर लगालो सबसे आगे होंगे हिंदुस्तानी
हिंदुस्तानी.. हिंदुस्तानी..] x 2

हमने कहा है तुम भी कहो हमने कहा है जो तुम भी कहो

[आओ हम मिल-जुल के बोलें अब तो यारा
अपना जहाँ है सबसे प्यारा ] x 2
हमने कहा है जो तुम भी कहो ओ ओ

जलते शरारें हैं पानी के धारे हैं हम काटे काटते नहीं
जो वाद करते हैं करके निभाते हैं हम पीछे हटते नहीं

[वक़्त है उम्र है जोश है और जान है ना झुकें ना मिटें देश तो अपनी शान है] x 2

हमने कहा है जो तुम भी कहो सुनो गौर से दुनिया वालों
बुरी नज़र ना हमपे डालो चाहे जितना ज़ोर लगालो
सबसे आगे होंगे हिंदुस्तानी हिंदुस्तानी.. हिंदुस्तानी..

सबके दिलों को मोहब्बत से बांधे जो
हम ऐसी ज़ंजीर हैं ऊँची उड़ाने हैं ऊँचे इरादे हैं
हम कल की तस्वीर हैं
जो हमें प्यार दे हम उसे यार प्यार दें
दोस्ती के लिए ज़िन्दगी अपनी वार दें ] x 2

हमने कहा है जो तुम भी कहो सुनो गौर से दुनिया वालों
बुरी नज़र ना हमपे डालो चाहे जितना ज़ोर लगालो
सबसे आगे होंगे हिंदुस्तानी हिंदुस्तानी.. हिंदुस्तानी..


5 —– मेरा कर्मा तू, मेरा धर्मा तू

मेरा कर्मा तू, मेरा धर्मा तू
तेरा सब कुछ मैं, मेरा सब कुछ तू
हम्म्म आ आ….
[हर करम अपना करेंगे]x२
ऐ वतन तेरे लिए
[दिल दिया है जां भी देंगे ऐ वतन तेरे लिए]x२

हर करम अपना करेंगे, तू मेरा कर्मा, तू मेरा धर्मा
तू मेरा अभिमान है[ऐ वतन महबूब मेरे तुझपे दिल क़ुर्बान है]x२

हम जिऐंगे और मरेंगे ऐ वतन तेरे लिए
[दिल दिया है जां भी देंगे ऐ वतन तेरे लिए]x२

[हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई,
हमवतन, हमनाम हैं ]x२

जो करे इनको जुदा मज़हब नहीं इल्जाम है
हम जिऐंगे और मरेंगे ऐ वतन तेरे लिए
दिल दिया है जां भी देंगे ऐ वतन तेरे लिए
आ आ…

तेरी गलियों में चलाकर नफ़रतों की गोलियां
लूटते हैं कुछ लुटेरे दुल्हनों की डोलियां
लुट रहे है आप वो अपने घरों को लूट कर
खेलते हैं बेखबर अपने लहू से होलियां
हम जिऐंगे और मरेंगे ऐ वतन तेरे लिए
[दिल दिया है जां भी देंगे ऐ वतन तेरे लिए]x२


6 —–इन्साफ़ की डगर पे, बच्चों दिखाओ चल के

इन्साफ़ की डगर पे, बच्चों दिखाओ चल के
ये देश है तुम्हारा, नेता तुम्हीं हो कल के

दुनिया के रंज सहना और कुछ न मुँह से कहना
सच्चाइयों के बल पे आगे को बढ़ते रहना
रख दोगे एक दिन तुम संसार को बदल के
इन्साफ़ की …

अपने हों या पराए सबके लिये हो न्याय
देखो कदम तुम्हारा हरगिज़ न डगमगाए
रस्ते बड़े कठिन हैं चलना सम्भल\-सम्भल के
इन्साफ़ की …

इन्सानियत के सर पर इज़्ज़त का ताज रखना
तन मन भी भेंट देकर भारत की लाज रखना
जीवन नया मिलेगा अंतिम चिता में जल के,
इन्साफ़ की …


7—— छोड़ो कल की बातें, कल की बात पुरानी

छोड़ो कल की बातें, कल की बात पुरानी
नए दौर में लिखेंगे, मिल कर नई कहानी
हम हिन्दुस्तानी, हम हिन्दुस्तानी

आज पुरानी ज़ंजीरों को तोड़ चुके हैं
क्या देखें उस मंज़िल को जो छोड़ चुके हैं
चांद के दर पर जा पहुंचा है आज ज़माना
नए जगत से हम भी नाता जोड़ चुके हैं
नया खून है नई उमंगें, अब है नई जवानी
हम हिन्दुस्तानी…

हमको कितने ताजमहल हैं और बनाने
कितने हैं अजंता हम को और सजाने
अभी पलटना है रुख कितने दरियाओं का
कितने पवर्त राहों से हैं आज हटाने
नया खून है…

आओ मेहनत को अपना ईमान बनाएं
अपने हाथों से अपना भगवान बनाएं
राम की इस धरती को गौतम की भूमि को
सपनों से भी प्यारा हिंदुस्तान बनाएं
नया खून है…

दाग गुलामी का धोया है जान लुटा के
दीप जलाए हैं ये कितने दीप बुझा के
ली है आज़ादी तो फिर इस आज़ादी को
रखना होगा हर दुश्मन से आज बचा के
नया खून है…

हर ज़र्रा है मोती आँख उठाकर देखो
मिट्टी में सोना है हाथ बढ़ाकर देखो
सोने की ये गंगा है चांदी की जमुना
चाहो तो पत्थर पे धान उगाकर देखो
नया खून है…


8 —– ये देश है वीर जवानों का अलबेलों का मस्तानों का

ये देश है वीर जवानों का अलबेलों का मस्तानों का
ओ …ओ …
ये देश है वीर जवानों का
अलबेलों का मस्तानों का
इस देश का यारों … होय!!
इस देश का यारों क्या कहना
ये देश है दुनिया का गहना

ओ… ओ…
यहाँ चौड़ी छाती वीरों की
यहाँ भोली शक्लें हीरों की
यहाँ गाते हैं राँझे … होय!!
यहाँ गाते हैं राँझे मस्ती में
मस्ती में झूमें बस्ती में

ओ… ओ…
पेड़ों में बहारें झूलों की
राहों में कतारें फूलों की
यहाँ हँसता है सावन … होय!!
यहाँ हँसता है सावन बालों में
खिलती हैं कलियाँ गालों में

ओ… ओ…
कहीं दंगल शोख जवानों के
कहीं कर्तब तीर कमानों के
यहाँ नित नित मेले … होय!!
यहाँ नित नित मेले सजते हैं
नित ढोल और ताशे बजते हैं

ओ… ओ…
दिलबर के लिये दिलदार हैं हम
दुश्मन के लिये तलवार हैं हम
मैदां में अगर हम … होय!!
मैदां में अगर हम दट जाएं
मुश्किल है के पीछे हट जाएं

हुर्र हे !! हा!!
हुर्र हे !! हा!!
हुर्र हे !! हा!
अड़िपा! अड़िपा! अड़िपा!


9 —- कर चले हम फ़िदा जान-ओ-तन साथियों

कर चले हम फ़िदा जान-ओ-तन साथियों
अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों

हां हां…
साँस थमती गई नब्ज़ जमती गई
फिर भी बढ़ते कदम को न रुकने दिया
कट गये सर हमारे तो कुछ ग़म नहीं
सर हिमालय का हमने न झुकने दिया
मरते मरते रहा बाँकापन साथियों
अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों
कर चले हम फ़िदा…

ज़िंदा रहने के मौसम बहुत हैं मगर
जान देने की रुत रोज़ आती नहीं
हुस्न और इश्क़ दोनों को रुसवा करे
वो जवानी जो खूँ में नहाती नहीं
आज धरती बनी है दुल्हन साथियों
अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों
कर चले हम फ़िदा…

राह क़ुर्बानियों की न वीरान हो
तुम सजाते ही रहना नये क़ाफ़िले
फ़तह का जश्न इस जश्न के बाद है
ज़िंदगी मौत से मिल रही है गले
बांधलो अपने सर से कफ़न साथियों,
अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों
कर चले हम फ़िदा…

खींच दो अपने खूँ से ज़मीं पर लकीर
इस तरफ़ आने पाये न रावण कोई
तोड़ दो हाथ अगर हाथ उठने लगे
छूने पाये न सीता का दामन कोई
राम भी तुम तुम्हीं लक्ष्मण साथियों,
अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों

कर चले हम फ़िदा जान-ओ-तन साथियों
अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों


10 —– ऐ मेरे वतन के लोगों..तुम खूब लगा लो नारा

ऐ मेरे वतन के लोगों..तुम खूब लगा लो नारा
ये शुभ दिन है हम सब का
लहरा लो तिरंगा प्यारा
पर मत भूलो सीमा पर वीरों ने है प्राण गँवाए

कुछ याद उन्हें भी कर लो..
कुछ याद उन्हें भी कर लो..
[जो लौट के घर न आए]x2

[ऐ मेरे वतन के लोगों
ज़रा आँख में भर लो पानी
जो शहीद हुए हैं उनकी
ज़रा याद करो क़ुरबानी]x2

जब घायल हुआ हिमालय
खतरे में पड़ी आज़ादी
[जब तक थी साँस लड़े वो]x2

फिर अपनी लाश बिछा दी
संगीन पे धर कर माथा
सो गये अमर बलिदानी
जो शहीद हुए हैं उनकी
ज़रा याद करो क़ुरबानी
जब देश में थी दीवाली
वो खेल रहे थे होली
[जब हम बैठे थे घरों में] x 2
वो झेल रहे थे गोली

थे धन्य जवान वो अपने
थी धन्य वो उनकी जवानी
जो शहीद हुए हैं उनकी
ज़रा याद करो क़ुरबानी

[कोई सिख कोई जाट मराठा]x 2
[कोई गुरखा कोई मदरासी]x 2
सरहद पर मरनेवाला..
सरहद पर मरनेवाला

हर वीर था भारतवासी
जो खून गिरा पर्वत पर
वो खून था हिंदुस्तानी
जो शहीद हुए हैं उनकी
ज़रा याद करो क़ुरबानी

थी खून से लथ-पथ काया
फिर भी बन्दूक उठाके
दस-दस को एक ने मारा
फिर गिर गये होश गँवा के

[जब अन्त-समय आया तो
कह गए के अब मरते हैं]x 2

खुश रहना देश के प्यारों..
खुश रहना देश के प्यारों
[अब हम तो सफ़र करते हैं]x 2

क्या लोग थे वो दीवाने
क्या लोग थे वो अभिमानी
जो शहीद हुए हैं उनकी
ज़रा याद करो क़ुरबानी
तुम भूल न जाओ उनको
इस लिये कही ये कहानी
जो शहीद हुए हैं उनकी
ज़रा याद करो क़ुरबानी

[जय हिन्द जय हिन्द
जय हिन्द की सेना ]x2


जय हिन्द जय हिन्द जय हिन्द…

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